प्रधानमंत्री मोदी को सेशेल्स का ‘गार्जियन ऑफ द ब्लू होराइजन’ सम्मान
राज्य में भाजपा कार्यकर्ताओं पर हो रहे हमलों पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि पुरानी सरकार का पुराना कल्चर अभी भी चल रहा है
कोलकाता। बंगाल में नई सरकार के गठन और विभागों के बंटवारे को लेकर जारी गहमागहमी के बीच भाजपा के वरिष्ठ नेता दिलीप घोष ने साल्टलेक स्थित सेंट्रल पार्क में मीडिया से मुखातिब होते हुए विपक्षी दलों और पिछली सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने अल्पसंख्यक विकास विभाग की प्रासंगिकता और राज्य की कानून व्यवस्था पर बेबाक राय रखी। जब उनसे उनके पसंदीदा विभाग के बारे में पूछा गया, तो दिलीप घोष ने कहा कि बंगाल के सर्वांगीण विकास के लिए हर विभाग महत्वपूर्ण है। हम पार्टी के कार्यकर्ता हैं; नेतृत्व ने हमसे चुनाव लडऩे को कहा, हमने लड़ा और जीत हासिल की। अब हमारा लक्ष्य एक बड़े मिशन को सफल बनाना है, जिसका निर्णय पार्टी का शीर्ष नेतृत्व करेगा।
भाजपा का कोई अल्पसंख्यक विधायक न होने और विभाग के भविष्य पर सवाल पूछे जाने पर घोष ने कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि पिछले सालों में अल्पसंख्यकों का विकास तो बहुत हुआ, फिर भी वे गरीब, अशिक्षित और अपराधी बने हुए हैं। भाजपा की कोई जिम्मेदारी नहीं है कि वह उनका विकास करे, क्योंकि वे हमें वोट भी नहीं देते। हमारा लक्ष्य सबका साथ, सबका विकास है। उन्होंने विभाग को बंद करने के सवाल पर कहा कि इसका फैसला पार्टी करेगी, लेकिन अब आदिवासी और पिछड़ों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।
राज्य में भाजपा कार्यकर्ताओं पर हो रहे हमलों पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि पुरानी सरकार का पुराना कल्चर अभी भी चल रहा है। पुलिस अभी भी पूरी तरह से नहीं जागी है। शपथ ग्रहण के बाद स्थितियां बदलेंगी। जो लोग हिंसा कर रहे हैं, उन्हें भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ेगा।
पूर्व कैबिनेट को भंग करने की अधिसूचना पर दिलीप घोष ने ममता बनर्जी पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि वह (ममता) विधानसभा में बैठने की योग्यता खो चुकी हैं। अब उनके पास कालीघाट में बैठकर झालमुड़ी खाने के अलावा और कोई काम नहीं बचा है।